सलाम बनता है

Maruti Naik
1 min readMar 12, 2018
Photo credit — Praful Gangurde — HT photo

लहू से भरे अपने कदम लिए,
एक आवाज़ ने दस्तक दी है ,
खामोश खड़ी सरकर को,
एक चेतावनी सी दी है.

फुर्सत अगर मिले सरकार को,
गीत गाने से, वीडियो बनाने से,
मोटे MOU के सपने सजाने से,
तो शायद आहट इन कदमो की,
सुन भी लेंगे
कुछ देर अपनी ऊँची इमारतो को छोड,
ज़मीन से भी बाते कर लेंगे.

इतना तो कर ही सकती है बाकी आवाम ,
जिनकी मज़दूरी की रोटी खाते है,
उन्ही को बदनाम न करे,
बच्चो की सोचकर जो रात को भी चले,
कम से कम, इनको सलाम तो करे.

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Maruti Naik

I write to remember. I write to remain honest. I write to leave a bread crumb trail for my daughter. I write to relax. Trying to impress my better half, I write